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| (फोटो गूगल से साभार) |
"कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो...."
कार्यरत हूँ | प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था - कंप्यूटर को उनकी पहुँच में लाना ताकि वो आसानी से कंप्यूटर पर काम कर सकें| प्रशिक्षण दस दिनों के लिए था पर इन दस दिनों में उन्होंने जितना यहाँ सीखा उससे कहीं ज्यादा हम लोगों ने उनसे सीखा | उनके उत्साह और लगन को देखकर सच बोलिए तो दिल खुश हो गया, और तो और आप कभी भी उनके चेहरे पर जरा सी भी उदासी के भाव नहीं देख सकते | हमेशा चेहरे पर एक मुस्कुराहट, एक संतुष्टि का भाव जो शायद ही हमारे और आपके चेहरे पर दिखे | ये मुस्कुराहट कितना कुछ सीखा गयी हमें | ऊपर से उनका जज्बा और उत्साह जीवन के प्रति, आशावादी सोच और कुछ करने कि जीवट इच्छा देखकर आप सहज ही अपने विषय में सोचने पर विवश हो जाएँगे | एक छोटी से बात बताता हूँ जो उनके अंदर के विश्वास को बताता है | एक प्रशिक्षु मित्र को मैं जी-मेल पर अकाउंट बनाना बता रहा था | अकाउंट बनाने के क्रम में एक जगह प्रोफाइल फोटो के लिए विंडो ओपन होता है | मैंने उससे मजाक में ही पूछा कि दोस्त यहाँ किसी हीरो का फोटो डाल दूँ ... सलमान खान की... | पता है फिर उसने क्या बोला ! उसने जो बोला वह सुनकर मुझे काफी ख़ुशी हुई | उसने बोला कि 'नहीं, उसकी फोटो नहीं मेरी फोटो डालो, वो हीरो कैसे हुआ .. हीरो मै खुद हूँ ... मैं तो लोकल में सफ़र करता हूँ , वो करता है क्या( हँसते हुए ..)! ' और आगे वो कुछ बोलना चाह रहा था लेकिन बोला नहीं , हँसकर रुक गया | उसकी ये छोटी सी हँसी और छोटा सा वाक्य वास्तव में छोटा नहीं था, काफी बड़ी बात कह दी उसने ... हँसते-हँसते ही | मैं तो जरुर कह सकता हूँ कि सच में ये सच्चे हीरो हैं | अब ज्यादा नहीं लिखूँगा, बस इतना समझिये कि इन मित्रों से मिलने के बाद मेरे मन में कुछ भाव उठे जिसे मैंने एक रचना में ढाल दिया और समापन समारोह में गाया भी | मेरी आवाज अच्छी नहीं फिर भी मुझे आज इच्छा हुई कि आपसे अपनी आवाज ( वास्तव में मेरे उन न भुलाए जाने वाले मित्रों की आवाज है यह, शब्द मेरे हैं भाव उनके हैं ) और अपना यह गीत शेयर करूँ | समय हो तो सुनियेगा जरुर ....|
चलिए तब तक के लिए नमस्कार और फ्रेंडशिप डे की बधाई व शुभकामनाएँ!!
(गीत : आसमान के तारों को, तोड़ जमीं पर लाना है)
आसमान के तारों को
तोड़ जमीं पर लाना है
आगे आगे हम बढ़ें
कुछ ऐसा कर दिखाना है
अंदर बहुत उजाला है
जिसने हमें संभाला है
पथ आलोकित होता अपना
पग जिधर भी हमने डाला है
अंतर्मन का दीप जला
अंधियारा दूर भगाना है
आसमान के तारों को... तोड़ जमीं पर लाना है
आगे आगे हम बढ़ें
कुछ ऐसा कर दिखाना है
अंदर बहुत उजाला है
जिसने हमें संभाला है
पथ आलोकित होता अपना
पग जिधर भी हमने डाला है
अंतर्मन का दीप जला
अंधियारा दूर भगाना है
बाधाओं से डरकर बोलो
कब हमने हिम्मत हारा है
बाधाओं से लड़कर देखो
जीत का सेहरा बाँधा है
हम इस युग के मीना है
हमें सिकंदर बन जाना है
अपने होठों की हँसी
हमें बहुत ही प्यारी है
इससे यारों देखो अपनी
बड़ी ही गहरी यारी है
हँसते हँसते जिंदगी का
हर इक कदम उठाना है
अंबर पर छा जाने को
नवगीत कोई अब गाने को
लालायित उल्लासित हैं
हम पुंज पुंज प्रकाशित हैं
परिभाषाएँ कई गढ़ ली हमने
अब राह में दीप जलाना है
आसमान के तारों को...






