रविवार, 5 अगस्त 2012

आसमान के तारों को, तोड़ जमीं पर लाना है !

(फोटो गूगल से साभार)


"कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो...."
ये पंक्तियाँ उन मित्रों से मिलने के बाद मेरे जहन में सहज ही आ गईं... |  सही में यदि हौंसला बुलंद हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं | अपने इन मित्रों का जज्बा देखकर उन्हें बार बार सलाम करने को दिल करता है | अरे हाँ, मैंने तो बताया ही नहीं कि आखिर ये मित्र हैं कौन | ये ऐसे मित्र हैं जिनसे मेरी दोस्ती ज्यादा पुरानी नहीं है, बस दस दिन हुए हैं और उन्होंने मेरे मन पर गहरा छाप छोड़ा है | और आज फ्रेंडशिप डे पर अपने इन नए मित्रों के बारे में कुछ लिखने का मन हो रहा है, सो लिख रहा हूँ |  ये ऐसे मित्र हैं जिनके आँखों में तो रौशनी कम है या फिर बिलकुल ही नहीं है लेकिन दिल और मन दोनों असीम उजाले से भरा हुआ है| ये मित्र कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने आये थे, उस संस्था में जहाँ मैं
कार्यरत हूँ | प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था - कंप्यूटर को उनकी पहुँच में लाना ताकि वो आसानी से कंप्यूटर पर काम कर सकें|  प्रशिक्षण दस दिनों के लिए था पर इन दस दिनों में उन्होंने जितना यहाँ सीखा उससे कहीं ज्यादा हम लोगों ने उनसे सीखा | उनके उत्साह और लगन को देखकर सच बोलिए तो दिल खुश हो गया, और तो और आप कभी भी उनके चेहरे पर जरा सी भी उदासी के भाव नहीं देख सकते |  हमेशा चेहरे पर एक मुस्कुराहट, एक संतुष्टि का भाव जो शायद ही हमारे और आपके चेहरे पर दिखे  |  ये मुस्कुराहट कितना कुछ सीखा गयी हमें | ऊपर से उनका जज्बा और उत्साह जीवन के प्रति, आशावादी सोच और  कुछ करने कि जीवट इच्छा  देखकर आप सहज ही अपने विषय में सोचने पर विवश हो जाएँगे | एक छोटी से बात बताता हूँ जो उनके अंदर के विश्वास को बताता है | एक प्रशिक्षु मित्र को मैं जी-मेल पर अकाउंट बनाना बता रहा था | अकाउंट बनाने के क्रम में एक जगह प्रोफाइल फोटो के लिए विंडो ओपन होता है | मैंने उससे मजाक में ही पूछा कि दोस्त यहाँ किसी हीरो का फोटो डाल दूँ ... सलमान खान की... | पता है फिर उसने क्या बोला ! उसने जो बोला वह सुनकर मुझे काफी ख़ुशी हुई | उसने बोला कि 'नहीं, उसकी फोटो नहीं मेरी फोटो डालो, वो हीरो कैसे हुआ .. हीरो मै खुद हूँ ... मैं तो लोकल में सफ़र करता हूँ , वो करता है क्या( हँसते हुए ..)! ' और आगे वो कुछ बोलना चाह रहा था लेकिन बोला नहीं , हँसकर रुक गया | उसकी ये छोटी सी हँसी और छोटा सा वाक्य वास्तव में छोटा नहीं था, काफी बड़ी बात कह दी उसने ... हँसते-हँसते ही | मैं तो जरुर कह सकता हूँ कि सच में ये सच्चे हीरो हैं |  अब ज्यादा नहीं लिखूँगा, बस इतना समझिये कि इन मित्रों से मिलने के बाद मेरे मन में कुछ भाव उठे जिसे मैंने एक रचना में ढाल दिया और समापन समारोह में गाया भी | मेरी आवाज अच्छी नहीं फिर भी मुझे आज इच्छा हुई कि आपसे अपनी आवाज ( वास्तव में मेरे उन न भुलाए जाने वाले मित्रों की आवाज है यह, शब्द मेरे हैं भाव उनके हैं ) और अपना यह गीत शेयर करूँ | समय हो तो सुनियेगा जरुर ....|


चलिए तब तक के लिए नमस्कार और फ्रेंडशिप डे की बधाई व शुभकामनाएँ!!


मेरी आवाज अच्छी तो है नहीं पर अब जब सुनाना है तो सुनाना है, आशा करता हूँ कि आप सहयोग करेंगे :-)

(गीत : आसमान के तारों को, तोड़ जमीं पर लाना है)






आसमान के तारों को
तोड़ जमीं पर लाना है
आगे आगे हम बढ़ें
कुछ ऐसा कर दिखाना है

अंदर बहुत उजाला है
जिसने हमें संभाला है
पथ आलोकित होता अपना
पग जिधर भी हमने डाला है
अंतर्मन का दीप जला
अंधियारा दूर भगाना है

आसमान के तारों को...

बाधाओं से डरकर बोलो
कब हमने हिम्मत हारा है
बाधाओं से लड़कर देखो
जीत का सेहरा बाँधा है
हम इस युग के मीना है
हमें सिकंदर बन जाना है

आसमान के तारों को ...

अपने होठों की हँसी
हमें बहुत ही प्यारी है
इससे यारों देखो अपनी
बड़ी ही गहरी यारी है
हँसते हँसते जिंदगी का
हर इक कदम उठाना है

आसमान के तारों को ...

अंबर पर छा जाने को
नवगीत कोई अब गाने को
लालायित उल्लासित हैं
हम पुंज पुंज प्रकाशित हैं
परिभाषाएँ कई गढ़ ली हमने
अब राह में दीप जलाना है

आसमान के तारों को...

21 टिप्‍पणियां:

  1. आपके भाव बहुत अच्छे लगे..
    और आपकी आवाज में यह गीत भी बहुत खूब रहा,,,
    आपको भी मित्रता दिवस की शुभकामनाये...
    :-)

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  2. वाह ... खूबसूरत गीत और आपकी आवाज़ भी ...
    मित्रता दिवस की शुभकामनायें ...

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  3. बेहद बेहद खूबसूरत...खयालात भी और अभिव्यक्ति भी...और गायन भी !!
    आपको भी मित्रता दिवस की शुभकामनाये !!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बढ़िया शिवनाथ जी |
    भाव मयी- सरस प्रवाह
    बधाई ||

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  5. भाई साहब किसी भी मंचीय प्रस्तुति से किसी भी मानी कम नहीं है यह प्रस्तुति भाव अर्थ और व्यंजना में .
    ram ram bhai
    रविवार, 5 अगस्त 2012
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    आपके श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य का भी समाधान है काइरोप्रेक्टिक (चिकित्सा व्यवस्था )में
    कृपया यहाँ पधारें -http://veerubhai1947.blogspot.de/

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  6. बहुत सुंदर ... आपकी आवाज़ में यह रचना और भी अच्छी लगी

    उत्तर देंहटाएं
  7. परिभाषाएँ कई गढ़ ली हमने
    अब राह में दीप जलाना है,,,

    वाह,,, बहुत सुंदर प्रस्तुति सुंदर भाव,,,,

    RECENT POST...: जिन्दगी,,,,

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  8. ब‍हुत ही बढिया भावमय करती प्रस्‍तुति।

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  9. भावमय करती सुन्दर प्रस्तुति..

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  10. Itani Sundar kavita ko jo tumane garh dala hai...
    mit jayega sab andhiyara kya khoob prakash dala hai...

    Very nice poem Shivnath..

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  11. शिवनाथ जी, आपका गाया गीत पूरा तो न सुन सका पर जितना सुना अच्छा लगा। हृदय से निकले उद्गार दिल को छू गये। और देखता हूँ आपने क्या-क्या लिखा है!

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  12. परिभाषाएँ कई गढ़ ली हमने
    अब राह में दीप जलाना है

    ...बहुत सुन्दर भावमयी प्रस्तुति...

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  13. bahot sundar rachna ,get free 20 rs recharge at
    khotej.blogspot.com

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  14. Behad sundar lekhan! Pahli baar aayee hun aapke blog pe! Ab aatee rahungee.

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  15. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

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  16. आपकी एक बात मुझे बहुत अच्छी लगी ...यह वास्तव में खुश रहते हैं ...और अपने आसपास के लोगों में भी उसे तरंगित करते हैं..अपनी खुश मिजाजी से ....अपनी हंसी से....ऐसा ही एक विद्यार्थी मेरे कॉलेज में भी था ...हम लोग NSS के तहत उसे नोट्स पढ़कर सुनाते थे और वह ब्रेल में उसे उतरता था ...उसपर एक कविता मैंने भी लिखी थी ...इज़ाज़त हो तो लिख दूं .....

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  17. बढ़िया शिवनाथ जी
    सुंदर रचना के लिए आपको बधाई

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