सोमवार, 27 अक्तूबर 2014

माँ का आँचल प्यार भरा !

(फोटो गूगल से साभार)




माँ तेरे यादों की हर चीज 
समेट कर रख दी है 
सहेज कर 
मन में 
जो कभी पानी 
तो कभी 
बादल बन 
बरस जाती हैं 
मन में ही 

मैं सहेजता हूँ उन 
बूंदों को 
मैं बहने नहीं देना चाहता 
उनको 
उन बूंदों में भीगना 
अच्छा लगता है 

माना मन रोता है 
कई बार 
तुम्हें याद कर के 
पर तेरी इन यादों से 
मन सजीव हो उठता है 
जहाँ मायावी  
मुस्कान और आँसू
अपना अस्तित्व खो देते हैं 
और मन 
विश्राम पाता है 
बिलकुल वैसे ही जैसे  
विचलित जल तरंगों को 
कोई किनारा मिल गया हो 
शुकून भरा 
जैसे किसी बालक को मिल गया हो 
माँ का आँचल 
प्यार भरा !


21 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (28-10-2014) को "माँ का आँचल प्यार भरा" (चर्चा मंच-1780) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    छठ पूजा की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (28-10-2014) को "माँ का आँचल प्यार भरा" (चर्चा मंच-1780) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    छठ पूजा की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर ..माँ को समर्पित सुंदर रचना ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. विचलित तरंगों का जैसे ठहराव वैसा ही मां से लगाव। क्‍या आत्‍मीयता है, वाह!

    उत्तर देंहटाएं
  4. माँ तो दिल में हमेशा ही बसी होती है.. बहुत सुन्दर रचना ...

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  5. माँ के आँचल की ठंडी छाँव मिल जाए तो सुकून तारी हो जाता है ...
    माँ की यादों भरी रचना मन को छू के गुज़रती है ...

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  6. माँ की यादों भरी रचना ...हर शब्द दिल की गहराई से निकले और मन को गहरे तक छूती रचना !

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  7. दिल को छूती बहुत भावपूर्ण रचना...

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  8. Behad bhaawpurn.. Maa ka anchal pyar bhara man ko chu gyi aapki rachna..aabhar !!

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  9. भावमय करते शब्‍दों का संगम

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  10. माँ के लिये अच्छी भावपूर्ण कविताएं बहुत कम देखी जातीं हैं । दिगम्बर जी ने एक वर्ष केवल माँ के लिये कविताएं लिखते हुए बिताया । मुझे आपकी कविता में भी भावों की वैसी ही गहराई देखने मिली ।

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  11. भावपूर्ण .
    मन को छू गयी यह कविता!

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  12. माँ पर जो भी लिखा जाए कम है...माँ को समर्पित एक सुंदर और भावपूर्ण रचना...

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  13. माँ पर लिखी एक अच्छी सच्ची कविता...... बधाई

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  14. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति.... आभार।

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  15. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार, आज 29 अक्तूबर 2015 को में शामिल किया गया है।
    http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमत्रित है ......धन्यवाद !

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