गुरुवार, 15 अगस्त 2013

गीत : भला ऐसे देश पर क्यों ना नाज करे हम

(फोटो गूगल से साभार)


जहाँ हवाओं में घुली 
वीरों की गाथाएँ 
जहाँ हर बालक महाराणा 
और लक्ष्मीबाई सी बालाएँ 
जहाँ शेर के मुँह में हाथ डालकर 
नन्हा कोई उसकी दाँते गिन जाए 
भला ऐसे देश पर 
क्यों ना मान करे हम 
अभिमान करें हम 
जय भारत माता 
जय जय भारत माता 

जहाँ खुद भगवान ने जन्म लिया 
और दुष्टों का संहार किया 
जहाँ नदियाँ पूजी जाती हैं 
और गौ भी माता कहलाती है 
जहाँ सभ्यता और संस्कृति 
दुनियाँ को राह दिखाए 
भला ऐसे देश पर 
क्यों ना मान करे हम 
अभिमान करें हम 
जय भारत माता 
जय जय भारत माता 

जहाँ दुश्मनों ने जब भी 
भारत माता को ललकारा है 
बढ़कर आगे तब हमने 
उनकी छाती में तिरंगा गाड़ा है 
ऐसे वीर सपूतों पर 
जहाँ हर माँ वारी जाए 
भला ऐसे देश पर 
क्यों ना मान करे हम 
अभिमान करें हम 
जय भारत माता 
जय जय भारत माता 


स्वतंत्रता दिवस की आपसबों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ !!



17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर रचना,,,

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,
    RECENT POST: आज़ादी की वर्षगांठ.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर गीत.. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय हिंद।।

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर ... भावविभोर करती रचना ...
    स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनायें ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. देशभक्ति का अनोखा सुन्‍दर भाव है इस गीत में।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर रचना.....
    स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  6. काश,अपने वर्तमान पर भी यों ही गौरवान्वित हो सकें - वह अतीत कब का बीत चुका !

    उत्तर देंहटाएं
  7. अच्छी रचना देशभक्ति और ओज की भावना से परिपूर्ण ..

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही अच्छी रचना लिखी है.
    देशप्रेम से भरपूर ,
    बेशक हमें मान है अपने देश पर.

    उत्तर देंहटाएं
  9. अच्छी रचना देशभक्ति और ओज की भावना से परिपूर्ण ..

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ओजपूर्ण और प्रभावी रचना...शुभकामनायें..

    उत्तर देंहटाएं
  11. कहते है जननी जन्मभूमि दोनों महान है फिर क्यों न हम उनपर अभिमान करे ?
    सार्थक रचना आने में देर हुई !

    उत्तर देंहटाएं

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...