सोमवार, 29 जुलाई 2013

खाली पड़ा कैनवास





उस खाली पड़े कैनवास  पर 
हर रोज सोचता हूँ 
एक तस्वीर उकेरूँ 
कुछ ऐसे रंग भरूँ 
जो अद्वितीय हो 
पर कौन सी तस्वीर बनाऊँ 
जो हो अलग सबसे हटकर 
अद्वितीय और अनोखी
इसी सोच में बस गुम हो जाता हूँ 
ब्रश और रंग लिए हाथों में 
पर उस तस्वीर की तस्वीर 
नहीं उतरती मेरे मन में 
जो उतार सकूँ कैनवास पर 
वह रिक्त पड़ा कैनवास 
बस ताकता रहता है मुझे हर वक्त 
एक खामोश प्रश्न लिए 
और मैं 
मैं ढूँढने लगता हूँ जवाब
पर जवाब ...
जवाब अभी तक मिला नहीं 
तस्वीर अभी तक उतरी नहीं 
मेरे मन में 
और वह खाली पड़ा कैनवास 
आज भी देख रहा है मुझे 
अपनी सूनी आँखों में खामोशी लिए  





@फोटो : गूगल से साभार

23 टिप्‍पणियां:

  1. इंतज़ार करिए....एक इन्द्रधनुष उतरेगा आपके केनवस पर....
    बहुत सुन्दर....

    अनु

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  2. वह रिक्त पड़ा कैनवास
    बस ताकता रहता है मुझे हर वक्त
    एक खामोश प्रश्न लिए
    और मैं
    मैं ढूँढने लगता हूँ जवाब
    पर जवाब ...

    बहुत बहुत बढ़िया । अति सुंदर रचना । मन्न के भावो को बहुत सुंदर तरीके से कैनवास पर उतारने की कोशिश।

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  3. Samay ane pe tasweer aur rang swath hi aa jate hain ...
    Ban jaati hai tasweer prem ke rangon se ... Bhav may rachna hai ...

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  4. बहुत सुन्दर ..मन के भावों बहुत खुबसूरती से उकेरा है..

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  5. वाह ... बहुत खूब ,मन के भावों सुंदर अभिव्यक्ति,,,

    RECENT POST: तेरी याद आ गई ...

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रस्तुति ....!!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार (30-07-2013) को में” "शम्मा सारी रात जली" (चर्चा मंच-अंकः1322) पर भी होगी!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  7. मन के कोरा केनवास का सुन्दर चित्र खीचा है आपने -अति सुन्दर
    latest post हमारे नेताजी
    latest postअनुभूति : वर्षा ऋतु

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  8. खाली पड़े
    कैनवास पर
    प्रिय,
    पूनम बन
    उतरो
    इन्द्रधनुषी
    शाश्वत रंग
    भरने …
    बहुत सुन्दर रचना है कुछ मिलती जुलती टिप्पणी
    यह मेरी !

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  9. मेरी नज़र जब खाली पड़े कैनवास पर ठहरी तो मुझे तो उसमें से आपकी यह सुन्दर कविता बाहर निकलती देखने लगी ..
    बहुत सुन्दर

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  10. कोमल भाव लिए बहुत सुन्दर रचना...
    एक सुन्दर सी तस्वीर जरुर उतरेगी आपके कैनवास पर...
    :-)

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  11. कैनवास पर खूबसूरत सपने उकेरें,
    जो सुनहरे भविष्य और खूबसूरती के प्रतिमान स्थापित करें |
    एक शाम संगम पर {नीति कथा -डॉ अजय }

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  12. आपकी यह कविता काफी अच्छी लगी। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  13. आपकी इस रचना को हमारा हरयन पर साँझा किया गया है


    http://bloggersofharyana.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  14. आपकी इस रचना को आज कविता मंच पर साँझा किया गया है

    संजय भास्कर
    http://kavita-manch.blogspot.in/

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