गुरुवार, 22 नवंबर 2012

कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !

नमस्कार ! बहुत दिनों तक ब्लॉग जगत से न चाहकर भी अलग रहा । अपनी एक रचना के साथ फिर से आपके आशीर्वाद और स्नेह की अभिलाषा लिए हाजिर हूँ ।

(फोटो गूगल से साभार )

 
द्रवित दुखित
छोड़ चली मुझे
कहीं दूर
मेरी परछाई

कई बार अगाह
किया था उसने
पर नहीं सुनी मैंने
अनदेखा,
अनसुना करता रहा
और उसके दिल में
दर्द भरता रहा

दर्द  उसका
आह उसकी
नहीं  पड़ी सुनाई
कई दफे उसने
आवाज लगाई

ओ मेरी परछाई !
मैं मूरख
तेरा दर्द जान ना सका
तेरी महत्ता
पहचान ना सका

अब यह विरह
नहीं स्वीकार
मन प्रायश्चित
करने को
अंतसः तैयार
तेरे जाने का
सबब हूँ मैं
आने का सबब भी
 मैं ही बनूँगा

वादा है
तुझे वापस लाऊँगा
बिन तेरे
कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !!

16 टिप्‍पणियां:


  1. वादा है
    तुझे वापस लाऊँगा
    बिन तेरे
    कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !!
    वाह ... अनुपम भाव संयोजित किये हैं आपने
    उत्‍कृष्‍ट लेखन

    उत्तर देंहटाएं
  2. अब यह विरह
    नहीं स्वीकार
    मन प्रायश्चित
    करने को
    अंतसः तैयार
    तेरे जाने का
    सबब हूँ मैं
    आने का सबब भी
    मैं ही बनूँगा

    sundar bhavabhivyakti hetu sadhuvad

    उत्तर देंहटाएं
  3. वादा है
    तुझे वापस लाऊँगा
    बिन तेरे
    कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा,,,,

    बहुत सुंदर भाव संयोजन उत्कृष्ट रचना,,,

    recent post : प्यार न भूले,,,

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही सुन्दर रचना...
    कोमल भाव लिए अति उत्तम प्रस्तुति...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  7. wah wah.... kya likha hai ...gazab

    उत्तर देंहटाएं
  8. कोमल भावों की प्रस्तुति सुंदर । सुंदर रचना ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. वादा है
    तुझे वापस लाऊँगा
    बिन तेरे
    कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !!

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  10. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  11. तेरे जाने का
    सबब हूँ मैं
    आने का सबब भी
    मैं ही बनूँगा

    वादा है
    तुझे वापस लाऊँगा
    बिन तेरे
    कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !!

    very beautifully emoted! :)
    happy to have chanced upon your blog.following hereafter!

    उत्तर देंहटाएं
  12. bahut sunder rachna.......
    तेरे जाने का
    सबब हूँ मैं
    आने का सबब भी
    मैं ही बनूँगा

    वादा है
    तुझे वापस लाऊँगा
    बिन तेरे
    कहाँ मैं जिंदा रह पाऊँगा !!

    उत्तर देंहटाएं

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