शनिवार, 9 अगस्त 2014

अटूट, अंतहीन, निश्छल प्यार !

राखी पर अपनी एक रचना फिर से साझा कर रहा हूँ  :)






इस दुनिया में सबसे प्यारा
भाई - बहन का प्यार है
और त्योहारों में सबसे पावन
राखी का त्योहार है

एक के आँखों में आँसू
दूजे के नयन छलकाता है
बहना जब होती उदास
भैया उसे हँसाता है

थोड़ी शरारत आपस में
थोड़ी सी होती तकरार
हर शरारत में छुपा होता
अनजाना अनोखा सा इक प्यार

भाई - बहन का रिश्ता ऐसा
जो हर सुख - दुःख आपस में बाँटे
एक के राहों का काँटा
दूजा अपने हाथों से छाँटे

रेशम के इक धागे से
बंधा भाई - बहन का प्यार
अटूट , अंतहीन , निश्छल है जो
प्यारा सुंदर सा ऐसा संसार
प्यारा सुंदर सा ऐसा संसार 


आप सभी को रक्षाबंधन पर्व के इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ !!

8 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ रक्षाबंधन। सुंदर कविता।

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  2. अनूठा बंधन है ये प्रेम का. सुन्दर रचना.

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  3. प्यारी सी कविता...रक्षा बंधन की शुभकामनाएं !

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  4. प्रेम भरी ... भाई बहना के रिश्तों की मधुरता, भावना को बाखूबी लिखा है ...
    रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई ....

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  5. बेहद उम्दा रचना और बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आपको बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@जब भी सोचूँ अच्छा सोचूँ
    रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें....

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  6. बहुत बहुत शुभकामनाएं इस पर्व की,
    बहुत प्यारी सी रचना लिखी है सच में बहन भाई का स्नेह अनमोल है !

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  7. रेशम के इक धागे से
    बंधा भाई - बहन का प्यार

    भाई बहन के सुन्दर पलों को बाखूबी शब्द दिए हैं ...

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