शुक्रवार, 14 मार्च 2014

उनकी आँखों में कई बातें हुआ करती हैं

(फोटो गूगल से साभार)

उनकी आँखों में कई बातें हुआ करती हैं 
थोड़ी ही सही मुलाकातें हुआ करती हैं 

नींद उनको भी कहाँ आती है आँखों में 
ख्यालों में डूबी दो रातें हुआ करती है 

तन्हाई में अक्सर वो गीत गाते हैं कोई 
घुलती चाँदनी में इबादतें हुआ करती हैं

टूट कर तारा कोई गिरता है दामन में 
मानो ना मानो ये करामातें हुआ करती हैं 

लहर दरिया का बन दौड़ता है मेरे अंदर 
मासूम जो आपकी ख्यालातें हुआ करती हैं 


5 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर ग़ज़ल है....
    थोड़ा सा जेंडर में गड़बड़ी लग रही है..जैसे छुपी जज्बातें.....
    अनु

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  2. बहुत खूबसूरत गज़ल ... लाजवाब शेर हैं सभी ...
    होली कि बधाई ...

    उत्तर देंहटाएं

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