गुरुवार, 13 जून 2013

प्रेम हर रंग में






बस एक कोने से रंग पकड़कर उसे प्रेम तक पहुंचाने की कोशिश :-)



हरी वसुंधरा 
वसुंधरा पर कई नदी 
यमुना भी है एक नदी 
यमुना पार रास रचाता मुरली वाला 
राधा मुरली वाले की दीवानी 
राधा प्रेम पुजारिन प्रेम आशक्त है 
प्रेम हर रंग में 
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है  
 
लाल सूरज दिखे सांझ को 
सांझ बुलाती चाँद को 
चाँद को है चाहता चकोर 
चकोर चाँद के लिए प्रेम उन्मत है
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है  
 
नीला है गगन 
गगन है सागर का दर्पण 
सागर है विशाल 
विशाल होता है दिल 
दिल एक मंदिर है 
मंदिर में प्रेम ही प्रतिध्वनित है 
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है  
 
काला है बादल 
बादल करता बारिश 
बारिश सींचती धरा 
धरा पर खिलते फूल 
फूल तैयार वंदन को अर्पण को 
वंदन इष्ट का ईश्वर का
भक्ति में मस्तक प्रेम नत है 
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है  
.
.
.
सच में प्रेम के रंग अनंत हैं 
 
 
 
 
 
@फोटो : गूगल से साभार 
 
 
 

17 टिप्‍पणियां:

  1. अनंत रंगों की छटा बिखेरती सुंदर रचना

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  2. प्रेम तो सतरंगी हैं....
    इन्द्रधनुष के दोनों छोरों पर लटका हुआ.......

    अनु

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  3. प्रेम के रंग अनंत हैं अनंत ही रहेंगे

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल शुक्रवार (14-06-2013) के "मौसम आयेंगें.... मौसम जायेंगें...." (चर्चा मंचःअंक-1275) पर भी होगी!
    सादर...!
    रविकर जी अभी व्यस्त हैं, इसलिए मंगलवार की चर्चा मैंने ही लगाई है।
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. प्रकृति में ही प्रेम छुपा पड़ा है उसे देखने के लिए एक आँख चाहिए - प्रकृति का रूप अनंत है प्रेम भी अनंत है.
    latest post: प्रेम- पहेली
    LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रेममई रचना..
    :-)

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  7. वाह..
    प्रेम अनंत है , यही सच है !
    सुंदर !!

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  8. बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना...

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  9. नीला है गगन
    गगन है सागर का दर्पण
    सागर है विशाल
    विशाल होता है दिल
    दिल एक मंदिर है
    मंदिर में प्रेम ही प्रतिध्वनित है
    प्रेम हर रंग में
    प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है ..

    प्रेम ही आदि और अंत बन जाए ... तो जीवन प्रेम की समर्पित हो जाए ...
    हर रंग का आदि और अंत है ... और सबका रंग प्रेम का रंग हो जाए ...
    भावूर्ण अभिव्यक्ति ...

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  10. लाल सूरज दिखे सांझ को
    सांझ बुलाती चाँद को
    चाँद को है चाहता चकोर
    चकोर चाँद के लिए प्रेम उन्मत है
    प्रेम हर रंग में
    प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है

    हर रंग प्रेम में डूबा हुआ है, बहुत ही सुंदर.

    रामराम.

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  11. वाकई प्रेम के कई रंग हैं बस इसे महसूस करना पड़ता है
    प्रेम का सुंदर अहसास
    सुंदर रचना
    बधाई

    आग्रह है
    पापा ---------



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  12. तभी तो मन कहता है ...."कुछ बात तो है"
    चकोर चाँद के लिए प्रेम उन्मत है
    प्रेम हर रंग में
    प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है

    हर रंग प्रेम में डूबा हुआ है, बहुत ही सुंदर.....!!!!!

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  13. बादल करता बारिश
    बारिश सींचती धरा
    धरा पर खिलते फूल

    उत्तर देंहटाएं
  14. प्रेम हर रंग में प्रेम ही आदि प्रेम ही अनन्त है..........

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