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शनिवार, 9 अगस्त 2014

अटूट, अंतहीन, निश्छल प्यार !

राखी पर अपनी एक रचना फिर से साझा कर रहा हूँ  :)






इस दुनिया में सबसे प्यारा
भाई - बहन का प्यार है
और त्योहारों में सबसे पावन
राखी का त्योहार है

एक के आँखों में आँसू
दूजे के नयन छलकाता है
बहना जब होती उदास
भैया उसे हँसाता है

थोड़ी शरारत आपस में
थोड़ी सी होती तकरार
हर शरारत में छुपा होता
अनजाना अनोखा सा इक प्यार

भाई - बहन का रिश्ता ऐसा
जो हर सुख - दुःख आपस में बाँटे
एक के राहों का काँटा
दूजा अपने हाथों से छाँटे

रेशम के इक धागे से
बंधा भाई - बहन का प्यार
अटूट , अंतहीन , निश्छल है जो
प्यारा सुंदर सा ऐसा संसार
प्यारा सुंदर सा ऐसा संसार 


आप सभी को रक्षाबंधन पर्व के इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ !!

सोमवार, 19 अगस्त 2013

बंद लिफ़ाफ़े में फिर तेरी राखी आयी है


(फोटो गूगल से साभार)


बंद लिफ़ाफ़े में फिर
तेरी राखी आयी है 
चन्दन रोली अक्षत 
खुशबू प्रेम की लायी है 

राखी की रस्में सारी 
सब याद फिर हो आयी हैं 
रस्मों संग छुपे स्नेह की
फिर एक गंगा बह आयी ही 

वो थाली आरती की 
आँखों में सज आयी है 
और दुआएँ माथा चूमे 
जो संग लिफाफे आयी है 

अटूट बंधन बाँधे  
रेशम की दो डोर 
बंधे कलाई पर जब भी 
हो जीवन में भोर 

जीवन की वो भोर 
संग लिफ़ाफ़े आयी है 
सच में प्यारी बहना का 
बड़ा खुशकिस्मत यह भाई है 




आप सभी को रक्षाबंधन पर्व के इस शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ !!





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