मेढक बोला टर्र टर्र टर्र
बारिश का मौसम है सर
बोर हो गया हूँ पढ़-पढ़कर
जल्दी से अब छुट्टी कर
झींगुर ने भी दौड़ लगाई
सबने हाँ में हाँ मिलाई
चलो भाइयों मौज मनाएँ
हम सब बारिश में नहाएँ
मोरनी ने भी ली अंगड़ाई
अपने पंखों को फैलाई
हम सब मिलकर गाएँ भाई
बारिश आई खुशियाँ लाई
हाथी चाचा थक चुके हैं
आधे-पूरे पक चुके हैं
मूड फ्रेश करने अपनी वह
बारिश में निकल चुके हैं
चिड़ियों ने भी गाया गायन
मिलकर सारे भाई-बहन
चलें दूर करने अब टेंशन
बारिश का आया यह सीजन
(रचनाकार - शिवनाथ कुमार, गायक: शैलेन्द्र बी.कुरेच्या व Tanns)
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