बस एक कोने से रंग पकड़कर उसे प्रेम तक पहुंचाने की कोशिश :-)
हरी वसुंधरा
वसुंधरा पर कई नदी
यमुना भी है एक नदी
यमुना पार रास रचाता मुरली वाला
राधा मुरली वाले की दीवानी
राधा प्रेम पुजारिन प्रेम आशक्त है
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
लाल सूरज दिखे सांझ को
सांझ बुलाती चाँद को
चाँद को है चाहता चकोर
चकोर चाँद के लिए प्रेम उन्मत है
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
नीला है गगन
गगन है सागर का दर्पण
सागर है विशाल
विशाल होता है दिल
दिल एक मंदिर है
मंदिर में प्रेम ही प्रतिध्वनित है
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
काला है बादल
बादल करता बारिश
बारिश सींचती धरा
धरा पर खिलते फूल
फूल तैयार वंदन को अर्पण को
वंदन इष्ट का ईश्वर का
भक्ति में मस्तक प्रेम नत है
प्रेम हर रंग में
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
प्रेम ही आदि प्रेम अनन्त है
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सच में प्रेम के रंग अनंत हैं
@फोटो : गूगल से साभार

