आज के भ्रष्टाचारी नेताओं का मूलमंत्र :
"भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार
नेताओं का जन्मसिद्ध अधिकार
मूलमंत्र महामंत्र
स्वाहा - स्वाहा प्रजातंत्र
सरकारी खजाने की लूट में
लूट सको सो लूट
अंत काल पछताएगा
जब कुर्सी जाएगा छूट "
पर आज के नवभारत के "गाँधी" (आदरणीय अन्ना हजारे ) और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर
चल रहे लाखों-करोड़ों लोगों का महामंत्र :
"भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार
अब सहने को नहीं हम तैयार
मूलमंत्र महामंत्र
तेरी जय हो जय हो प्रजातंत्र
जनशक्ति का जला मशाल
भ्रष्टाचार का अँधियारा भगाना है
भ्रष्टाचार मुक्त भारत हो
ऐसा नया सवेरा लाना है "
|| जय हिंद , जय भारत , जय लोकतंत्र ||