शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

नया सवेरा (आदरणीय अन्ना हजारे के समर्थन में )


आज के भ्रष्टाचारी नेताओं का मूलमंत्र :

"भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार
नेताओं का जन्मसिद्ध अधिकार
मूलमंत्र महामंत्र
स्वाहा - स्वाहा प्रजातंत्र

सरकारी खजाने की लूट में
लूट सको सो लूट
अंत काल पछताएगा
जब कुर्सी जाएगा छूट "

पर आज के नवभारत के "गाँधी" (आदरणीय अन्ना हजारे ) और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर
चल रहे लाखों-करोड़ों लोगों का महामंत्र :

"भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार
अब सहने को नहीं हम तैयार
मूलमंत्र महामंत्र
तेरी जय हो जय हो प्रजातंत्र

जनशक्ति का जला मशाल
भ्रष्टाचार का अँधियारा भगाना है
भ्रष्टाचार मुक्त भारत हो
ऐसा नया सवेरा लाना है "

|| जय हिंद , जय भारत , जय लोकतंत्र ||

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2010

कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार


हर कॉमन चीज
जैसे कॉमन मेन से लेकर
कॉमन वेल्थ गेम्स तक
सबका करके दोहन शोषण
हमारे नेताजी भरते अपनी तिजोरी का धन

करप्सन की तलवार से
भारत की नाक काटने को तैयार हैं
और इतना कुछ होने के बाद भी
कहते हैं हमको भारत से प्यार है

बेशर्मी की हद होती है
अभी भी होश में आ जाओ
अरे तुम्हें अपनी नाक प्यारी नहीं
पर हमारी नाक तो बचाओ

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